रिश्ते को फिर से बनाने के लिए 10 आसान उपाय

by Aarti Pathak
Rebuilding relationships

(सलाहकार मनोचिकित्सक रीमा मुखर्जी द्वारा आरती पाठक को बताया गया)

डॉ. रीमा मुखर्जी
डॉ. रीमा मुखर्जी एमबीबीएस, डीपीएम, एमआरसी साइक (लंदन)

यूके में 7 साल का अनुभव प्राप्त करने के बाद, डॉ मुखर्जी ने कोलकाता में क्रिस्टल माइंड्स, एक मानसिक कल्याण केंद्र (सभी आयु वर्गों के लिए मनोवैज्ञानिक सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत करने वाली एक बहुआयामी टीम) की स्थापना की। पिछले 20 वर्षों में उन्होंने अपने जुनून और एक सुरक्षित समाज की उनकी परिकल्पना, जो कलंक के डर के बगैर जीने की दिशा में अग्रसर है, जो जागरूकता का अनुभव करे, और सकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दे, उसके लिए उन्होंने कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं।

ये भी पढ़े: २० साल लगे, मगर आखिर मैंने उसे ब्लॉक कर ही दिया

ब्रेकअप के बाद फिर से साथ आना? घावों को कैसे भरा जाए और उस कटु अनुभव को कैसे भूला जाए? एक संबंध को फिर से जोड़ते समय और इसे दूसरा मौका देते समय हमें क्या ध्यान में रखना चाहिए? परामर्शदाता रीमा मुखर्जी हमें उस रिश्ते को फिर से निर्मित करने के चरण बताती हैं जिसे हम छोड़ना नहीं चाहते। रास्ते में, वे हमें कहती हैं कि अपने भीतर झांक कर देखें और आत्मनिरीक्षण करें; हमें पहली बार क्या अलग तरह से करना चाहिए था?

  1. दोष देने का खेल बंद करो

रिश्ते को पुननिर्मित करने का पहला कदम है भार से मुक्त होना। क्रोध, दर्द और आंसू? इन सब को छोड़ दो। इसे छोड़ दो और इसे दुबारा मत देखो। अब से, पीछे नहीं मुड़ना है और दोष नहीं देना हैं हां यह बोलना आसान है करना मुश्किल, लेकिन जोड़े चिकित्सा और परामर्श सत्र में जाकर शांति प्राप्त कर सकते हैं।

ये भी पढ़े: वह हमेशा मेरी कमी निकाला करता था

  1. आत्मनिरीक्षण

हम सभी अपनी असुरक्षाओं के साथ पैदा हुए हैं। यह आत्मनिरीक्षण करना अच्छा रहेगा कि क्या यह हमारी पुरानी असुरक्षा है जो समस्या उत्पन्न कर रही है जो बदले में रिश्ते को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है। शांत मन के साथ विश्लेषण करें और यदि आपको आवश्यकता महसूस हो तो परामर्श प्राप्त करें।

  1. आदर्श की बजाए सही को चुने

आपका संबंध ऐसे चरण पर क्यों आ पहुंचा जहां आप इसे पुनर्निर्मित करने की कोशिश कर रहे हैं? एक पल को इस बारे में सोचें कि क्या आप एक मायावी ‘आदर्श’ रिश्ते के पीछे भाग रहे थे और इस प्रक्रिया में ‘अच्छे’ के साथ खुश नहीं थे। हममें से कई लोगों के पास अपनी धारणा है कि एक ‘आदर्श रिश्ता’ कैसा होना चाहिए और ‘प्यार’ कैसा होना चाहिए। जब हम इसे जाने देते हैं तो हम अपने प्यार और संबंध में बहुत सी अद्भुत चीज़ें देख सकते हैं।

ये भी पढ़े: मेरे साथी की मृत्यु के बाद मुझे इन चीज़ों का पछतावा है

  1. निष्पक्ष रूप से मूल समस्या को पहचानें

आप इस स्थिति तक कैसे आ गए? दुर्व्यवहार? धोखा? बड़े झगड़े? शराब/ड्रग्स? ससुराल वाले? वित्तीय समस्या? असंगतता? असुरक्षा? ओछे झगड़ों से परे जाएं और मूल समस्या को ढूंढें। अपने आपको यह करने के लिए प्रेरित करें। हर शोर और उलझन ने दूर हटते हुए, मूल समस्या तक पहुंचें और अपने साथी से इस बारे में बात करें। उन्हें बताएं ‘यह मुझे चोट पहुंचाता है’ या फिर ‘प्लीज़ इतनी मत पिया करो’, ‘जब तुम मेरा मज़ाक उड़ाते हो तो मुझे बुरा लगता है’, ‘चलो तुम्हारी लत के लिए एक सलाहकार से मिलते हैं’, ‘चलो हमारे फाइनांस के बारे में शांति से बात करते हैं’, ‘तुम्हारे धोखा देने के बाद मैं तुम पर भरोसा नहीं कर पा रही, हमें कपल परामर्श की ज़रूरत है’, ‘मुझे माफ कर दो मैं भटक गया था प्लीज़ इसे हल कर लेते हैं। मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूँ और इसी तरह….

रिश्ते गुदगुदाते हैं, रिश्ते रुलाते हैं. रिश्तों की तहों को खोलना है तो यहाँ क्लिक करें

  1. अपने व्यक्तिगत प्रयासों में जैनुइन रहें

अधिकांश जोड़े उस बिंदु को जानते हैं जहां संबंध में दरार पड़ने लगती है। वे जानते हैं कि उन्होंने संबंध में क्या गलतियां की और चीज़ों को गलत होने से रोकने के लिए वे क्या कर सकते थे। इसलिए जब वे वापस आने का प्रयास करते हैं, तो वे अक्सर जानते हैं कि उन्हें इस बार कौन सी चीज़ अलग करनी है। जब आप साथ आने का प्रयास कर रहे हों – अपने प्रयासों में जैनुइन रहो। अगर आप माफी मांग रहे हो, तो सच्चे दिल से मांगो। जब आप कहते हो कि आप शराब की लत को नियंत्रित कर लोगे, तो एए में शामिल हो जाओ। अगर आप कहते हो कि आप आगे से अपने गुस्से पर काबू रखोगे, तो उसके लिए काम करो। जब आपका साथी आपके प्रयासों को देखेगा, विश्वास फिर से बन जाएगा। जब कथनी करनी एक समान होती है, तो यह संबंध के लिए आपकी प्रतिबद्धता के बारे में आपके साथी को आश्वस्त कर देता है।

ये भी पढ़े: जिसने मुझे धोखा दिया उस प्रेमी के लिए एक पत्र

  1. एक जोड़े के रूप में आपके प्रयासों में जैनुइन रहें

एक टीम के रूप में काम करें। एक साथ योजना बनाएं। चर्चा करें। मंथन करें। परामर्श लेने जाएं। एक दूसरे के साथ मतलबी नहीं होने का फैसला साथ मिल कर करें।

ये भी पढ़े: अपने मन की बात कहने की वजह से मेरी शादी टूट गई

  1. आपके शादी करने के कारण को संबोधित करें

रिश्ते में दोनों व्यक्तियों को उस बारे में सोचना चाहिए कि उन्होंने एक दूसरे से शादी करने को हां क्यां कहा था। अच्छी और सकारात्मक चीज़ों के बारे में सोचो। एक दूसरे के नकारात्मक पक्षों पर मंथन करने की कोई ज़रूरत नहीं है।

  1. अपने स्वयं के विकास पर ध्यान केंद्रित करें

जब लोग अपनी खुद की खुशीओं का प्रभार लेते हैं, वे एक जोड़े के रूप में बेहतर प्रतिक्रिया देते हैं। अपनी खुशी का पूरा बोझ अपने साथी पर मत लाद दो। आपका साथी आपका अभिभावक, दोस्त, गुरू, मनोरंजन का स्त्रोत नहीं हो सकता…अपना जीवन खुद के आनंद से भरें, ऐसे काम करें जो आपको खुश करे। इससे आपके रिश्ते को फायदा होगा।

ये भी पढ़े: पचास की उम्र में तलाक

  1. यह एक नया विवाह/संबंध है

और कपल को इसे एक नए संबंध की तरह ही ट्रीट करना चाहिए। जिस भी चीज़ (अफेयर/मतभेद/ससुराल वालों की समस्या) की वजह से ये टूटा था उसने इसे बदल दिया है। यह वापस वैसा कभी नहीं होगा जैसा यह था। लेकिन वर्षों से जोड़ों को परामर्श देने के हमारे अनुभव से, हम देखते हैं कि यह एक अच्छा और मजबूत संबंध हो सकता है। वह जिसने तूफान का सामना किया है।

  1. अपने रिश्ते की ताकत और कमज़ोरियों की सूची बनाइये

ताकतों पर ध्यान केंद्रित करें और उसका उत्सव मनाएं (आप किस तरह एक दूसरे के मज़ाक का आनंद लेते हैं/ वे किस तरह आपके माता-पिता का सम्मान करते हैं/आपका साथी किस तरह हमेशा आपके लिए खड़ा होता है) और कमज़ोरियों (गुस्सा/ कड़वी बातें बोलना और बाद में पछताना/ बच्चों के साथ समय नहीं बिताना…..आदि) को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत कीजिए।

मैं हमेशा कहती हूँ कि नकारात्मक होते हुए सकारात्मक बदलाव नहीं लाया जा सकता है।

दो विवाह और दो तलाक से मैंने ये सबक सीखे

काश मैं जान पाता कि मेरी पत्नी ने दूसरे विवाहित पुरूष के लिए मुझे क्यों छोड़ दिया

वह शांत लगती थी लेकिन कुछ गड़बड़ ज़रूर थी।

Leave a Comment

Related Articles