Hindi

संतान होने के बाद आकर्षण बरकरार रखने की कला

संतान होने के बाद सेक्स के लिए समय और स्थान ढूँढने की कोशिश में युगल का रोमांच।
parents-with-baby

बहकाने (सिडक्शन) की कला, हर जोड़े की अपनी व्यक्तिगत होती है, जिसमें मैं और मेरे पति वर्षों के अभ्यास के बाद निपुण हो गए हैं। लेकिन हमें नहीं पता था कि बहुत कुछ सीखना बाकी था। संतान होने के बाद हमने उन नई चुनौतियों को जाना, जिनसे संतान रहित जोड़े अनभिज्ञ होते हैं।

आपकी परीक्षा तभी शुरू हो जाती है जब आप गर्भधारण करते हैं। एक गर्भवती स्त्री के हार्मोन्स या तो सेक्स के विचार को ही पूरी तरह नकार देंगे या फिर उसमें बहुत ज़्यादा शामिल हो जाएंगे। खुशकिस्मति से मेरे पति को बाद वाला पसंद था। लेकिन आपकी यौन क्रिया को परिभाषित करने में केवल हार्मोंन्स ही महत्त्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाते हैं। आपका बढ़ा हुआ वज़न, निरंतर बढ़ता पेट और गैस का चुपचाप छूटना संभोग को शुरू करने के लिए बहकाने की बहुत कम गुंजाईश छोड़ते हैं। हालांकि, वे एक नए स्तर पर प्रयोग करने और एक दूसरे के साथ सहूलियत विकसित करने के लिए नए द्वारा खोलते हैं।

ये भी पढ़े: कैसे पता करें कि वह आपसे प्यार करता है या यह सिर्फ लस्ट है

जन्म के बाद

हालांकि हमने गर्भावस्था के दौरान अंतरंगता का आनंद लिया था, लेकिन मेरे ठीक होने के दौरान प्रसवोत्तर ने काफी लंबा समय ले लिया। हमारे चिकित्सक को हैरानी होती थी कि आमतौर पर हमारा सबसे गंभीर प्रश्न यही होता था कि हम यह वापस कब शुरू कर सकते हैं। प्रतीक्षा का समय सदियों जितना लंबा लगता था और उत्तेजना हमेशा शीर्ष पर रहती थी। शायद इसलिए क्योंकि हमें यह करने से मना किया गया था!
[restrict]
चिकित्सक के हरी झंडी दिखाने के बाद एक गड़बड़ हो गई, जिसने हमें आगे आने वाले अवरोधों के लिए लगभग तैयार कर दिया। बच्ची को स्थिर होने के लिए समय चाहिये था। वह दिन में झपकियों का आनंद लेती थी और रात में पौटी करना और खेलना पसंद करती थी। कई हफ्तों तक हमारी नींद से वंचित आँखें और कुछ नहीं बल्कि एक हल्की सी झपकी चाहती थी। आखिरकार वह दिन आ ही गया जब हमारी बच्ची हमारे पलंग पर शांत दिखाई दी। एक उत्तेजित आवाज़ ने मेरे कान में कहा, ‘‘वह सो रही है! अंततः हमें अपना अवसर मिल गया!’’

ये भी पढ़े: 5 तरह से विवाह मेरी कल्पना के विपरीत निकला

couple with child
Image Source

यह रहा हमारा अवसर!

छोटे बच्चों की तरह मुस्कुराते और खिलखिलाते हुए हमने जल्दी से कुछ चुंबनों का आदान प्रदान किया। जितनी कम आवाज़ के साथ हम कर सकते थे, हमने एक दूसरे के साथ थोड़ा और संलिप्त होना शुरू किया लेकिन फिर हमें अहसास हुआ कि केवल हमें ही शांत रहने की ज़रूरत नहीं थी। इतने वर्षों में पहली बार हमने गौर किया कि हल्की सी गतिविधी होने पर भी हमारा पलंग कितना चरमराता है। हर बार चरमराहट होने पर, हम दोनों बच्ची की ओर देखने लगते थे और हम जान गए थे कि इतने व्यवधान के बीच हम ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते थे।

हमारे असफल प्रयास की अगली सुबह, एक समाचार ने हमें आने वाले खतरों के बारे में सचेत कर दिया। एक मित्र के साथ बातचीत से यह पता चला कि उनकी बच्ची, जो अब पाँच साल की है, ना केवल स्वयं के कमरे में सोने से मना करती थी बल्कि माँ और पिता के बीच सोने की ज़िद करती थी। बच्ची को उसकी पसंदीदा स्थिति से हटाने के किसी भी प्रयास के परिणामस्वरूप गंभीर भावनात्मक टिप्पणियां सुनने को मिलती थीं जो यह दर्शाती थी कि माता-पिता बच्ची से पर्याप्त प्रेम नहीं करते थे।

हमें अपने विकल्पों पर विचार करना था, और भविष्य के प्रयासों के लिए हमें यह तुरंत करने की आवश्यकता थी। हमने निर्णय लिया कि बच्ची का अलग कमरा होगा, अपने आप को लगभग मनाते हुए कि बाद में बच्ची की भी यही इच्छा होगी! इस तरह, बच्ची के सोने के दौरान कोई विकर्षण नहीं होगा, कम से कम हमने तो यही आशा की थी।

और फिर से….

अगली रात, हमारी बच्ची ने हमें एक और अवसर दिया। जब वह गहरी नींद में सो रही थी, हम अपने कमरे में गए। इंतज़ार इतना ज़्यादा अपरिहार्य था कि पूरी तरह वस्त्र उतारना भी अनावश्यक लगा। बच्ची द्वारा देखे जाने की चिंता से मुक्ति मिलने का यह अद्भुत अहसास था जो वास्तव में बहुत कम देख सकता था और कुछ नहीं समझता था। हम लगभग चरमोत्कर्ष पर पहुंच ही चुके थे जब बच्ची की सुबकियां सुनाई देने लगीं और हम अपनी मोहावस्था से बाहर आ गए। मेरी प्रतिक्रिया ने मेरे पति को लगभग पलंग से गिरा ही दिया था। बच्ची जल्द ही वापस गहरी नींद में सो गई लेकिन हमने अपना पल फिर से खो दिया था।

baby-in-between-parents
Image Source

धीरे-धीरे, बच्ची अपनी सामान्य सक्रिय रात्री क्रियाओं पर वापस आ गई और हमें पूरे समय जगाने लगी। उसकी हल्की झपकियां हमारी अलग सोने की इच्छा को और बढ़ाती थी। लेकिन हमने इतनी आसानी से हार नहीं मानी। हमने दिन हो या रात, एक दूसरे को चकित करते हुए, बेमेल समय में झटपट संभोग करने की कला सीख ली।

ये भी पढ़े: प्यार जताने के लिए पुरूष ये 6 चीज़ें करते हैं

यह एक अलग प्रकार का रोमांच है

इसके अलावा, बच्ची के कहीं और व्यस्त होने पर हमने एक दूसरे को लुभाने के आवेग का आनंद लेना शुरू कर दिया। भागने और बच्ची की नज़रों से दूर कोने तक पहुंचने के रोमांच ने इसे और अधिक मज़ेदार बना दिया।

कुछ समय बाद, इतनी जानकारी देना कि ‘बच्ची गहरी नींद सो रही है’ भी पर्याप्त था। सीमित समय के रहते वस्त्र उतारना अब आकस्मिक या एक त्वरित कार्य बन चुका है। लिपटने के लिए उत्तेजना पुनः लौट आई है और छोटी सिसकियों से आलिंगन में व्यवधान होने से अब कोई फर्क नहीं पड़ता। यहां तक कि बच्ची की पौटी के रंग, मस्तियों या लार के बारे में चर्चा भी स्ख़लन को प्रभावित नहीं करती है।

sex-after-baby
Image Source

अंततः हमने बहकाने के विषय में ‘एडवांस लर्निंग’ की उपाधी प्राप्त कर ली थी, जिसकी गुंजाइश अपने असीमित दायरे को साबित करने में सफल हुई थी और इसे अन्य जोड़ों द्वारा भी ग्रहण किया जा सकता है।
[/restrict]

प्रेम को समझने के लिए वासना महत्त्वपूर्ण क्यों है

हम संतान चाहते हैं लेकिन असमर्थ हैं। मैं और मेरी पत्नी दोनों तनावग्रस्त हैं। कृपया सुझाव दीजिए

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No