Hindi

शादीशुदा थी मगर उस कम उम्र के लड़के की तरफ आकर्षित हो रही थी

वो उससे दस साल छोटा था, अविवाहित था, और उसकी ज़िन्दगी बहुत रोमांचक अनुभवों से भरी थी. उसकी तरफ आकर्षित होना बहुत ही स्वाभाविक था उसके लिए.
lady smiling

(जैसा की संजुक्ता दास को बताया गया)

ऐसा लगता है मानो कल ही की बात हो. एक आम ही सुबह थी. रोज़ की तरह मेरे जुड़वाँ बच्चे किसी मामूली बात पर एक दुसरे से लड़ रहे थे. मैंने खींच कर दोनों को अलग कियाऔर दोनों को ज़ोर से डांटा. मेरी आठ महीने की बेटी जमीन परघुटनियों चल कर घर भर की सैर कर रही थी और बार बार  किसी खाने की चीज़ को ढूंढ रही थी. माइक्रोवेव से बीप की आवाज़ आ रही थी, हमारा कुत्ता लूलू भोंक रहा था. इस साड़ी चिल्ला चिल्ली में बच्चो के स्कूल का टाइम हो गया था. मैंने अपनी कॉफी ख़त्म की ही थी की देव ने मुझे बताया की डिनर पर उसके साथ कोई आने वाला है.

ये भी पढ़े: मैंने अपने बचपन के दोस्त के साथ मेरी पत्नी के सेक्स्ट पढ़े और फिर उसे उसी तरह से प्यार किया

“मैं उसे जानती हूँ?”

“हाँ, तुम अभीसे ऑफिस की पार्टी में मिली थी. याद आया?” देव ने पुछा.

मुझे याद तो नहीं आया था मगर मैंनेयूँ ही गर्दन हामी में हिलाने लगी.

“तो फिर डिनर में क्या चाहती हो?” देव ने मुझसे पुछा.

“अरे! तुम्हारा दोस्त आ रहा है. तुम तय करो,” मैंने कहा.

“तुम्हे वो याद नहीं है न?” देव ने मुस्कुराते हुए मुझसे पुछा.

हे भगवन! मेरा पति मुझे कितनी भली भाति जानता है. मैंने उसे गिलटी वाली स्माइल दी और फिर से अपने जुड़वाँ बच्चों को एक दुसरे के अलग करने के लिए भागी.
पीछे से मैंने देवांग की आवाज़ सुनी, “तो फिर मैं आज अपना मशहूर क्रीम चिकन बनाऊंगा।”

और उसने क्रीम चिकन ही बनाया.

ये भी पढ़े: “प्रिय पति. मैं रोज़ रात को तुम्हारा फ़ोन चेक करती हूँ”

प्यार, दुर्व्यवहार और धोखाधड़ी पर असली कहानियां

वो उपहार ले कर आया
[restrict]

शाम को जब टेबल लग गई थी, अचानक दरवाज़े की घंटी बजी. मैंने दरवाज़ा खोला तो एक यंग क्लीन शेव व्यक्ति ने मुझे देख कर नमस्ते किया और मेरे हाथ में एक सुन्दर से पैक की हुई वाइन की बोतल थमा दी. देवांग ने हम दोनों का परिचय कराया, मैंने शिष्टता से उसका आमंत्रण किया और हम सब लिविंग रूम में बैठ गए.

कम से कम शब्दों में कहूँ तो उसका  नाम अभी था और वो कमाल का था.वो पर्वतारोही रह चूका था,उसनेस्कूबा डाइविंग की थी, एक हाउसबोट में रहा था, और ऐसे कितने रोमांचक अनुभव थे उसके पास जिनकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी. मैं जितना उसकी ज़िन्दगी के सफर के बारे में सुन रही थी, मुझे अपनी ज़िन्दगी उतनी ही बोझिल और नीरस लग रही थी. और उसके गालों पर रह रह कर एक छोटा सा डिंपल पड़ता था और हँसते हुए कभी कभी उसके मुँह से एक अजीब सी हुंकार निकलती थी, जिसे सुनकर हमारी हंसी और तेज़ थी. वो एक बहुत ही दिलचस्प शाम थी और रात को उसके जाने के बाद भी मैं सोते हुए भी उसकी ज़िन्दगी के बारे में ही सोचती रही.

खैर, जो शुरू तो उसके रोमांचक जीवन शैली के बारे में सोचते हुए शुरू हुआ मगर बढ़ कर बन गया कुछ और. नहीं नहीं ऐसा नहीं है की मुझे उससे प्यार होने लगा था. बिलकुल नहीं. मैं देवांग को बहुत प्यार करती थी और उसके दोस्त अभी के बारे में अपनी फीलिंग सोच कर ही मुझे हंसी आ गई. और मैं उससे बस एक ही बार तो मिली थी, मैंने खुद को कहा.

और फिर हम दोबारा मिले, और फिर मिले

हम अभी से जल्दी ही एक दूसरी पार्टी में मिले. उसने मुझसे बच्चों और मेरे काम के बारे में पुछा और फिर कहा की वो देवांग की स्पेशल क्रीम चिकन फिर से खाना चाहेगा. बिना कुछ सोचे मैंने उसे आने वाले सप्ताहांत को डिनर का न्योता दे दिया.

ये भी पढ़े: इस फिल्म ने हमें जीवन और प्रेम के अर्थ पर सवाल उठाने को मजबूर कर दिया

अभी को न्योता देना मेरे मानसिक संतुलन के लिए बहुत सेहतमंद नहीं था. उस पूरे हफ्ते मैंने उसका इंस्टाग्राम काअकाउंट कुछ ज़्यादा ही बारीकी से देखा. एक दुसरे पुरुष की निजी ज़िन्दगी में यूँ तांक झाँक करना मुझे बहुत अजीब लग रहा था. देवांग भी कुछ कुछ मेरी बेचैनी भांप रहा था. मैंने कई बार खुद को अभी के बारे में कुछ ज़्यादा ही सोचते हुए पकड़ लिया. मुझे पता था की मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाने वाली और वो तो बस अपने पति के सहकर्मी की तरफ एक छोटा सा आकर्षण मात्र है जिसे अंग्रेजी में क्रश कहते हैं.

woman stalking
Image source

उस दिन का डिनर बहुत शानदार था. अभी मेरी बेटी के साथ खेलता रहा और वो खिलखिला कर हंसती रही. वो बच्चों के साथ बहुत अच्छा था. मेरा दिल बैठा जा रहा था और मैं बहुत ग्लानि महसूस कर रही थी. एक तरफ मेरा पति था जिसे में बहुत प्यार करती हूँ और ऐसा कुछ नहीं करूंगी जिससे हमारी ज़िन्दगी में कोई बाधा आये और दूसरी तरफ अभी को लेकर विचार थे जो रह रह कर मन में आ रहे थे.

ये भी पढ़े: मैं अपने पति से प्यार करती हूँ लेकिन कभी-कभी दूसरे पुरूष से थोड़ा ज़्यादा प्यार करती हूँ

मुझे लगा की मैंने ये राज़ बखूबी छुपाया है

अभी के साथ हमारे डिनर बढ़ने लगे और मेरे लिए वो सब बहुत ज़्यादा था. मैं डिप्रेस तो नहीं थी मगर कुछ सही नहीं लग रहा था. मेरे पति को भी मेरी ऊर्जा में आई इस कमी का पूरा एहसास हो रहा था. किसी को मैं अपने बदले हालत के लिए दोष भी तो नहीं दे सकती थी. मुझे अपने से दस साल छोटे लड़के पर क्रश हो गया था और मेरे पास उसका कोई इलाज़ भी नहीं था.

मुझे बहुत ग्लानि होती थी अपने मन में चल रहे इन विचारों से और बहुत ताज्जुब होता था की कैसे अभी और देव दोनों ही मेरे मन के इन भावों से बिलकुल अनजान थे. मगर ऐसा मेरा भ्रम था.

एक शाम देवांग ने मुझसे अचानक कहा, “एक शादी का न्योता है”.

“अच्छा! किसकी शादी हो रही है?”

“अभी की. अभी की शादी है,” देव ने कहा.

मेरे पैरों तले तो जैसे ज़मीन ही निकल गई. बड़ी मुश्किल से अपने आँसूं मैंने दबा लिए. मुझे अंदर तक ये बात चोट पंहुचा रही थी, ऐसा लग रहा था मानो की दिल के कई छोटे टुकड़े बिखर गए हों. मगर इन सब के साथ अचानक मन हल्का लगने लगा. अचानक मुझे तसल्ली होने लगी. और तभी मैंने देव की तरफ देखा. वो मुझे देख कर मुस्कुरा रहा था, और उसने मुझसे बस इतना ही पुछा, “तसल्ली हो गई?”

ये भी पढ़े: मैं अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ फिर भी अपने सहकर्मी की ओर आकर्षित हूँ

उसे पता था? इतने दिनों से जो मेरे मन में चल रहा था, उसे सब पता था?

“मुझे पता है की तुम्हे उसपर क्रश है,” उसने कितनी सहजता से ये बात मुझसे कह दी.

क्या? कैसे? मुझे तो लगता था की मैंने ये राज़ बहुत संभाल के छुपाया है.

मुझे अंदर ही अंदर बहुत हल्का लग रहा था की मुझे कोई कॉन्फेशन नहीं करना होगा. वो तो शुरू से ही सब जानता था.

अभी की शादी का ख्याल काफी था मेरे क्रश को कुचलने के लिए. अकेले कुछ दिनों में मैं फिर से सामान्य हो गई बिना किसी ग्लानि या हीन भावना के.

और मैं और देवांग अब पहले से भी ज़्यादा करीब हो गए हैं.
[/restrict]

मैं अपने विवाह में सुखी थी और फिर भी मैंने अपने एक्स के साथ संबंध बना लिया।

मेरा विवाहेतर संबंध है और इसने मेरी शादी को अधिक सहनशील बना दिया है

अगर आप किसी शादीशुदा पुरूष के प्यार में पड़ रही हैं तो स्वयं से ये प्रश्न पूछिए

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No