Hindi

सुखी विवाह से पुनर्विवाह तक – एक स्त्री की दिल को छू लेने वाली यात्रा

जीवन आपको एक पंच दे सकता है। यह आपके उपर है कि आप उसे कैसे लेते हैं। क्या आप झुक जाते हैं या उसका सामना करते हैं!
Silhouette of couple watching the sun set

38 वर्ष की उम्र तक जीवन का आनंद उठाया, विवाहित जीवन सुखी था, पति के प्यार का आनंद ले रही थी और हमारे दो छोटे बच्चों की देखभाल कर रही थी, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं इतनी क्रूरतापूर्वक अपने कम्फर्ट क्षेत्र से बाहर फैंक दी जाउंगी। मेरे पति की एक ब्रेन हैमरेज से मृत्यु हो गई, जब वे पूर्व में एक फील्ड पर पोस्टेड थे और इससे मैं और मेरे बच्चे पूरी तरह बिखर गए।

ये भी पढ़े: दुर्व्यवहार का सामना करने के बाद जब मैंने आजादी की ओर जाने का फैसला किया

यह रूखाई से जागृत होने की तरह था। मुझे हमारे उजड़े हुए जीवन को बटोरने को और अपनी छोटी बेटी और किशोर बेटे के साथ आगे बढ़ने के लिए मजबूर किया गया। हम पूणे चले गए, मेरे बेटे ने कॉलेज और मेरी बेटी और मैंने स्कूल ज्वाइन कर लिया, उसने पढ़ने के लिए, मैंने पढ़ाने के लिए। हालांकि इसमें थोड़ा समय लगा, हम तीनों ने प्रयास किया और हमारा जीवन धीरे-धीरे आरामदायक दिनचर्या में सेटल हो गया। लेकिन मेरे जीवन में एक बहुत बड़ा शून्य था। मेरा विवाह बहुत ही खुश, जीवंत और रोमांचक था (उसे नौकरी से घर लौटते हुए देखकर ही मैं जीवंत हो उठती थी) और अब, मेरा अस्तित्व बहुत उबाऊ हो गया था क्योंकि मेरे पास बच्चों को पालने और उनके साथ जीवन जीने के अलावा और कुछ अच्छा नहीं था। इससे ज़्यादा निराशाजनक कुछ नहीं हो सकता था, लेकिन मेरे पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं था।

पुनर्विवाह करने का मेरा कोई ईरादा नहीं था, लेकिन मुझे ‘फिर से बसा हुआ देखने’ के मेरी माँ के अथक और अचूक प्रयासों के आगे मैं झुक गई। मैंने भी इस बारे में सोचा क्योंकि बच्चों के बड़ा होकर दूर चले जाने (जो अपरिहार्य है) के बाद अकेले जीने के विचार से मैं डर गई थी। मंथन करने के बाद, मैंने तीन शर्तें रखीं। पहली, उसका साथी भी स्वर्गीय होना चाहिए, क्योंकि मैं अपने अनुभव से जानती थी कि लोग आपके सामने आपके मृत साथी के बारे में बात करने से बचते हैं, लेकिन आप उसके बारे में बात करने के लिए तरस रहे होते हैं और इसलिए हम अपनी अदभुत यादें साझा कर सकते हैं; उसकी भी एक बेटी होनी चाहिए क्योंकि मुझे महसूस हुआ कि इस तरह मैं और मेरी बेटी ज़्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे और वह भी उसकी बेटी जैसी बन जाएगी; और अंत में, उसे यह समझना होगा कि मैं आर्थिक कारणों से शादी नहीं कर रही हूँ (मेरे पास नौकरी, घर और कार थी) बल्कि साथ और जीवन के लिए कर रही हूँ।

ये भी पढ़े: मेरा शादीशुदा जीवन मेरे रोमांटिक सपनों के बिल्कुल विपरीत था

मैं अपने आत्म-सम्मान को बरकरार रखते हुए इस नए स्थान में प्रवेश करना चाहती थी और मैं नहीं चाहती थी कि कोई भी महसूस करे कि मैं अपना बोझ कम करना चाहती थी और अपना पेट पालने के लिए उससे शादी कर रही थी!

Family together

चुनौती लेना

मेरे दूसरे पति कैंसर की वजह से अपनी पत्नी को खो चुके थे और अब उन्हें अपने तीन बच्चों का पालन पोषण करना था जिसमें दो बेटियां और एक बेटा था। उसके माता-पिता पास ही रहते थे और मदद कर देते थे लेकिन यह कठिन था। वह वर्कोहोलिक था जो अपने काम में डूबा रहता था और घर के काम और बच्चों की ज़िम्मेदारी उसने अपनी पत्नी को सौंप रखी थी। तो जब मैं उससे मिली, वह पूरी तरह खोया हुए था और अब भी सहारा ढूंढने की कोशिश कर रहा था। उसके आकर्षण और कोमल आत्मा द्वारा आकर्षित होकर मैं उसके साथ रहने की कल्पना कर सकती थी और हम दोनों ने साथ मिल कर पाँच बच्चों को पालने और उन्हें अच्छा, स्वतंत्र और आर्थिक रूप से स्थिर जीवन जीने योग्य बनाने की साझी ज़िम्मेदारी ली।

ये भी पढ़े: मैं बुद्ध की पत्नी यशोधरा हूँ और जब उसने मुझे और दुनिया को छोड़ दिया तो मुझे कुछ ऐसा महसूस हुआ

विवाहित जीवन

जब मैं पीछे मुड़ कर देखती हूँ तो मैं सोच में पड़ जाती हूँ कि मैंने तीन और बच्चों की ज़िम्मेदारी ले ली बिना यह चिंता किए की क्या मैं खरी उतर पाउंगी और उनके भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल कर पाउंगी। मुझे लगता है कि मेरे शिक्षिका होने ने मदद की क्योंकि मैं हमेशा बच्चों से घिरी रहती थी और मुझे उनके पास रहने की आदत थी। मैंने खुद के लिए कुछ सरल नियम निर्धारित कर लिए, मैं बच्चों में भेदभाव नहीं करूंगी, सभी को प्यार दूंगी और अनुशासित करूंगी, किसी के भी प्रति पूर्वाग्रह नहीं रखूंगी और बिल्कुल भी पक्षपात नहीं करूंगी।

मेरे लिए, तभी से, कुछ भी ‘उसका’ या ‘मेरा’ नहीं बल्कि हमारा था।

निश्चित रूप से इससे मदद मिली कि मेरे पति ने कभी हस्तक्षेप नहीं किया, मेरे फैसलों और अनुशासन पर कभी सवाल नहीं उठाया; बल्कि वह एक बहुत बड़ा सहारा और मेरी दैनिक दिनचर्या का शांत लेकिन सूक्ष्म पर्यवेशक था। दो सांस्कृतिक रूप से अलग परिवारों का एक जीवन बनाने के लिए एक साथ आना आसान नहीं है, लेकिन वह और मैं चुनौतियां लेने के लिए तैयार थे।

ये भी पढ़े: अरेंज्ड विवाह के बाद मैंने कैसे अपनी पत्नी का भरोसा जीता

परवरिश को बांटना

हम वास्तव में भाग्यशाली थे कि बच्चों के बीच कोई समस्या नहीं थी और उन्होंने एक दूसरे को अपना लिया था। उनका जीवन पटरी पर आ गया क्योंकि मेरी बेटी को दो बड़ी बहनें मिल गईं और उनके बेटे को एक बड़ा भाई मिल गया। उन पाँचों ने इतनी कम उम्र में जो परिपक्वता दिखाई है उससे मैं हैरान रह जाती हूँ। हमें पहले दिन से ही बच्चों से संबंधित किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। उसने मेरे पालन पोषण में हस्तक्षेप नहीं किया, इस बात पर भरोसा करते हुए कि मैं उसके बच्चों के लिए अच्छा ही करूंगी और घर का दैनिक काम मुझे सौंप दिया। मेरी तरफ से, मैंने उसके बच्चों की माँ और दोस्त बनने की कोशिश की, यह स्पष्ट करते हुए कि कोई भी उनकी माँ की जगह नहीं ले सकता; मैं ज़रूरत पड़ने पर हमेशा उनके साथ हूँ और वे जब चाहें मेरे पास आ सकते हैं।

प्यार की कहानियां जो आपका मैं मोह ले

आज 13 वर्षों से साथ होने के बाद, मैं दृढ़ता से विश्वास करती हूँ कि हम अपने बच्चों को एक पूर्ण जीवन और उज्जवल भविष्य देने के लिए एक साथ आए थे। हमारी बेटियां विवाहित हैं और उनका कैरियर बहुत अच्छा है, हमारा बड़ा बेटा नौकरी कर रहा है और वह भी विवाहित है और हमारा सबसे छोटा बेटा अमेरिका में नया जीवन शुरू करने की सीमा पर है।

ये भी पढ़े: जब शादी ने हमारे प्रेम को ख़त्म कर दिया

अंतर स्वीकार करना

हालांकि यह इतना आसान भी नहीं रहा, हम दोनों का व्यक्तित्व बहुत अलग होते हुए भी (वह चुप और शांत था और मैं बातूनी और एक्सट्रोवर्ट थी) हमने अपने अंतरों को स्वीकार किया और एक दूसरे को कभी जज नहीं किया। इन वर्षां में, मैंने ज़रूरत पड़ने पर चुप रहना और सुनना सीखा। हमारे विभिन्न स्वरूपों को पार करना अब हम दोनों के लिए स्वचलित रूप से आता है और हम एक साथ जीवन बनाने में कामयाब रहे हैं और थोड़े से भी समय के लिए एक दूसरे से अलग होना नहीं चाहते।

जीवन आपको एक पंच दे सकता है। यह आपके उपर है कि आप उसे कैसे लेते हैं। क्या आप झुक जाते हैं या उसका सामना करते हैं!

 

ज़िन्दगी के सच के बीच फेसबुक वाले झूठ

जब मैंने अपने ससुराल वालों को खुश करने की कोशिश करना बंद कर दी तो मैं अधिक खुश रहने लगी

पति पत्नी का ये बेमिसाल मेल

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No