तलाकशुदा माताओं के लिए वित्तीय सहायता

Madhuri Y

2003 या उसके आसपास, मैं किराए पर एक घर देख रही थी क्योंकि मैं अपनी शादी तोड़ रही थी।

मेरा अल्प वेतन एक संकरी सीढ़ियों वाले अर्पाटमेंट का किराया कवर कर सकता था जहां फर्श पर कुत्ते की पौटी पड़ी होगी, या एक अंधेरे घर का किराया वहन कर सकता था जिसकी दिवारें पड़ोसियों के साथ साझा की जाती थी और तीनों कमरे एक ही लाइन में थे।

मैं एक अच्छे जोड़े के घर पर पेइंग गेस्ट बन गई, और मैंने मेरे बाद आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ कमरा साझा करने का फैसला किया और अपने और मेरी बेटी के लिए सिर्फ एक पलंग पर ही सैटल हो गई, क्योंकि मैं बस इतना ही अफोर्ड कर सकती थी।

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यह सब बहुत निराशाजनक था और अंततः मैं घर पर फिर से रहने चली गई। उन अंधकारमय दिनों ने मुझे कई वर्षों तक घर छोड़ कर जाने से रोक कर रखा, जब तक की मुझे एक बेहतर वेतन वाली नौकरी नहीं मिल गई।

मैं उन चंद भाग्यशाली लोगों में से एक हूँ, क्योंकि मेरे पास घर छोड़ कर बाहर जाने के लिए पर्याप्त पैसे थे। और जब मैंने अंतिम कदम उठाया, तो मेरा वेतन मेरा और मेरी बेटी का गुज़ारा करने के लिए पर्याप्त था।

कई महिलाएं बुरे विवाह से इसलिए बाहर नहीं जाती हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से अपने पतियों पर निर्भर होती हैं।

बाहर निकलने के बाद, वे अपने परिवारों का ही रूख करती हैं, खासतौर पर अगर वे कामकाजी महिलाएं नहीं होती हैं तो। लेकिन, वित्त और परिवार पर निर्भरता का प्रश्न उन्हें परेशान करना जारी रखता है।

हो सकता है सीमा की तरह कुछ लड़कियों ने ग्रेजुएशन पूरा नहीं किया हो, हो सकता है कला की तरह दूसरी लड़कियां पोस्ट ग्रेजुएट हों; कुछ औरतों ने बच्चे के जन्म से पहले शायद कुछ समय नौकरी की हो, वीणा की तरह दूसरी औरतें शायद कम वेतन वाली नौकरियां कर रही हो ताकि वे अपने बच्चों और परिवार के लिए उपलब्ध रह सकें।

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तलाकशुदा माताओं के लिए पहले वर्ष के दौरान वित्तीय सहायता

यह मानते हुए कि आप अपने परिवार के साथ आगे बढ़ती हैं, आपको अब भी वित्तीय सहायता ढूंढने की ज़रूरत है जो कम से कम एक वर्ष तक आपको कवर करे और फिर आप रखरखाव प्राप्त करने की उम्मीद कर सकती हैं।

इस भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान, आपको बाकी समय से ज़्यादा वित्त की ज़रूरत होती है, क्योंकि हमारी समग्र खुशी, सुख और आत्म-सम्मान हमारे वित्तीय नियंत्रण की भावना से प्रभावित होते हैं।

फिर भी, गैर-कामकाजी महिलाओं के लिए एक वर्ष की बचत से काम चलाना मुश्किल है, क्योंकि 77 प्रतिशत औरतें अपने निवेश के फैसले खुद नहीं करती हैं। 23 प्रतिशत जो स्वयं निवेश करती हैं, उनमें से 18 प्रतिशत कामकाजी महिलाएं हैं, और सिर्फ 5 प्रतिशत गैर कामकाजी महिलाएं बचती हैं जो अपने निवेश का प्रबंधन करती हैं। (स्त्रोत)

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बहुत सी औरतों के बैंक में खाते भी नहीं है। जैसा की नोटबंदी ने दिखा दिया, गैर कामकाजी महिलाएं नकदी में पैसा जमा करती हैं; यह उनकी सुरक्षा नेट है।

अगर आप शादी से बाहर निकलना चाहती हैं, तो यह आपकी बचत का निर्माण करने में मदद करता है, अधिमानतः आपके बैंक खाते में, और अगर आप ऐसा नहीं कर सकती हैं, तो कम से कम नकदी में।

कम से कम एक साल तक आपके पास आपका और बच्चों के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बचत होनी चाहिए, क्योंकि इसके पहले आप सहायता के लिए अदालत द्वारा आदेशित वित्तीय सहायता की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।

महिलाओं के लिए तलाक के बाद अंतरिम रखरखाव

आप पारिवारिक अदालत से अंतरिम रखरखाव की मांग कर सकते हैं, जिसका भुगतान कामकाजी पति/ पत्नी द्वारा निर्भर साथी को किया जाता है। अदालत को मामले को संसाधित करने में लगभग छह महीने लगते हैं, कभी-कभी उससे भी लंबा समय; इसलिए एक साल के खर्च जितनी राशि की बचत करने की सलाह दी जाती है। अंतरिम रखरखाव का भुगतान तब तक किया जाता है जब तक कि वास्तविक तलाक की कार्यवाही ना हो जाए, और निर्वाह धन और रखरखाव ना दे दिया जाए।

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तलाकशुदा माताओं के लिए वित्तीय सहायताः निर्वाह धन और चाइल्ड सपोर्ट

अगर आप आर्थिक रूप से निर्भर हैं, या यदि आपकी आय पति/ पत्नी की तुलना में कम है, तो परिवार अदालत आपको निर्वाह धन प्रदान करती है। निर्वाह धन आमतौर पर पति/ पत्नी की आमदनी के वन फिफ्थ का एक तिहाई हिस्सा होता है।

चाइल्ड कस्टडी आमतौर पर महिला को एक माँ के तौर पर दी जाती है, और तलाकशुदा माताओं के लिए वित्तीय सहायता चाइल्ड केयर या पति से रखरखाव के रूप में आती है।

सरला और उसके पूर्व पति के लिए एकमुश्त भुगतान अच्छा रहा। सरला ने मासिक भुगतान की जगह एकमुश्त भुगतान लेना पसंद किया जो उसके पूर्व पति पर उसकी निर्भरता जारी रखता। उसके पूर्व पति को भी यह फायदेमंद लगा, क्योंकि एकमुश्त भुगतान का मतलब था कि भविष्य में उसकी आय की वृद्धि सुरक्षित रहे।

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केंद्र सरकार द्वारा तलाकशुदा माताओं के लिए सहायता

गैर सरकारी संगठनों और अन्य एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजना कठिन परिस्थितियों में महिलाओं के पुनर्वास के लिए भोजन, आश्रय और कपड़े प्रदान करती है, जिसमें विधवाएं, घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाएं या वे महिलाएं शामिल हैं जिन्हें निर्वाह राशि के बिना घर से निकलने पर मजबूर किया जाता है, या फिर वे जो वैवाहिक विवादों के कारण मुकदमे का सामना कर रही हैं।

यह योजना परामर्श, कानूनी सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने के अलावा, महिलाओं के लिए अल्पकालिक घर, स्वाधार गृह भी देती है।

राज्य सरकारों से तलाकशुदा माताओं के लिए अनुदान

तेलंगाना सिंगल महिलाओं को वित्तीय सहायता देता है, ग्रामीण क्षेत्रों में 1.5 लाख रूपये से कम वार्षिक आय और शहरी क्षेत्रों में 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली स्त्रियों को हर माह 1000 रूपये। वह पहले से सामाजिक सुरक्षा पैंशन योजना के तहत कवर नहीं होनी चाहिए।

ये एकल महिलाएं 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की होनी चाहिए और अपने पति से अलग होनी चाहिए, या ऐसी होनी चाहिए जिनका पति उसे छोड़ कर चला गया है। अलगाव अवधि एक वर्ष से ज़्यादा होनी चाहिए।

दिल्ली की विधवा पैंशन योजना में 18 वर्ष से ऊपर की उन विधवाओं, तलाकशुदा, अलग हो चुकी, त्यागी गई, अकेली छोड़ दी गई या उन निराधार महिलाओं को कवर करने के लिए समान सहायता है, जिनके पास निर्वाह का पर्याप्त साधन नहीं है और वे गरीब, ज़रूरतमंद और कमज़ोर हैं।

रिश्ते बनाना मुश्किल है, उन्हें बनाए रखना और भी मुश्किल

सरकारी योजनाएं उन महिलाओं को सहायता प्रदान करने पर केंद्रित हैं जिनके पास सामाजिक या आर्थिक सहायता नहीं है, इसके विपरीत संयुक्त राज्य अमेरिका एकल माताओं को मेडिकेड से लेकर आवास सहायता, डे केयर, नकद और खाद्य सहायता कार्यक्रमों के साथ-साथ उन्हें कॉलेज जाने के लिए छात्रवृत्ति और अनुदान भी प्रदान करती है।

इसके अलावा, ये छोटी राशियां हैं जो बहुत ज़्यादा नहीं लगती हैं, लेकिन रहने के लिए एक जगह के साथ, वे मायने रखती हैं।

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बिना आय वाली तलाकशुदा माताओं के लिए एनजीओं से सहायता गैर सरकारी संगठनों द्वारा किए गए ज़्यादातर प्रयास भी कम आमदनी वाली और कम शिक्षित महिलाओं की सुरक्षा की ओर अग्रसर हैं, जिस तरह एकल महिला अधिकारों के लिए राष्ट्रीय फोरम ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने में और अपनी बेटियों को शिक्षित करने में लाली धनकर की मदद की है, जो कि 18 महीने की उम्र में एक बाल वधु थी और 21 वर्ष की उम्र में विधवा थी।

फिर भी, आप स्थानीय गैर सरकारी संगठनों से संपर्क कर सकते हैं उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता के लिए, क्योंकि कई सरकारी कार्यक्रम इन संगठनों के माध्यम से काम करते हैं। उनकी सहायता सरकारी अनुदान के दायरे से परे, अल्पकालीन घर प्रदान करने से लेकर सुरक्षा और कानूनी सलाह प्रदान करने तक हो सकती है। कुछ संगठन वित्तीय सहायता भी प्रदान करते हैं।

अंत में, कोई भी वित्तीय सहायता अल्प अवधि के लिए होती है और केवल तब तक के लिए होती है जब तक आप खुद की आय का ज़रिया ना ढूंढ लें।

अगर आपको अपने कौशलों को बढ़ाना है और नौकरियों के लिए आवेदन करना है तो आगे पढ़ें। यह एक आसान प्रक्रिया नहीं है लेकिन यह प्रयास करने योग्य है क्योंकि आपके भविष्य और बच्चों पर आपका ही नियंत्रण रहेगा।

(मुंबई स्थित वकील श्री अमरदेव यूनियाल के सहयोग के साथ।)

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