उन्होंने कभी अपने प्यार का इज़हार नहीं किया

by Tania Dey
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यह एक शानदार कहानी है कि हम कैसे मिले, यह लगभग एक कहानी के भीतर एक कहानी है। मैंने एक मनोवैज्ञानिक मोड और सुखद अंत के साथ एक प्रेम कहानी लिखी थी, और इसे एक प्रमुख समाचार पत्र के संपादक को भेज दिया था। वह मुझे इस लेख पर बधाई देने के लिए मुझसे मिलना चाहते थे।

मैं इसे ही प्रसन्नता कहती हूँ, खुशी की वास्तविक परिभाषा, अपने काम के लिए आपकी सराहना होना। मैं छोटी सी टेबल पर बैठ गई और जब वह मेरी लेखनी की तारीफ कर रहा था तब मैं उसकी आंखों में देख रही थी।

“मुझे इसका अंतिम भाग पसंद आया और जिस तरह से यह लिखा गया है। यह शानदार है।”

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और मैं बस उसे भूखों की तरह घूर रही थी जब वह बता रहा था कि उसके कार्यालय के कर्मचारी कितने कुख्यात थे और अच्छा नहीं लिखते थे। मैं भोजन, आसपास का शोर और आसपास की हर चीज़ को भूल चुकी थी। मैं अपने दिमाग में कविताएं बना रही थी और मेरे मन में वायलिन और सिम्फनी बज रहे थे।

मैं भोजन, आसपास का शोर और आसपास की हर चीज़ को भूल चुकी थी। मैं अपने दिमाग में कविताएं बना रही थी और मेरे मन में वायलिन और सिम्फनी बज रहे थे।

मुझे जल्द ही अहसास हो गया कि यह प्यार था। मैं उसके काम, उसकी बोली, साहित्य और संस्कृति के प्रति उसके सक्रिय प्यार को देखकर सम्मोहित हो गई थी। मैं कभी उससे ज़्यादा पैशनेट पुरूष से नहीं मिली थी और उसने मेरे दिमाग को छू लिया।

सिर्फ एक गड़बड़ थी। वह एक दशक बड़ा था, हालांकि कुंआरा था, लेकिन एक दशक बड़ा था। हालांकि उस बात ने मुझे नहीं रोका, और मुझे प्यार हो गया। प्यार के हार्मोन इतने सुखदायक हो सकते हैं, कि आप सबकुछ भूल सकते हैं।

मैं उससे ज़्यादा नहीं मिली; और ना ही मैंने उसे अपनी भावनाएं बताने का प्रयास किया। हम अलग शहरों में रहते थे और उससे बार-बार मिलना असंभव था। सात महीने हो गए थे और मैं उससे सिर्फ तीन बार मिली थी, और मैं जानती थी कि इस पुरूष को प्यार करने से मैं खुद को कभी नहीं रोक सकती थी। उसने मेरे दिल के तार हिला दिए थे।

उसे मेरी भावनाओं के बारे में बाद में पता चला, और वह हैरान रह गया था लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वह जानता था कि मेरे माता पिता इसे स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन वह मेरे साथ संपर्क में था। हर एक दो महीने में, एक फोन कॉल आता था और मैं खुशी-खुशी उसके साथ बात करती थी।

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एक दिन, मैंने उसे मेल किया (मैं पत्र और ईमेल लिखती हूँ, थोड़े पुराने ज़माने की हूँ), यह समझाते हुए कि मुझे उसके जीवन से जाना होगा क्योंकि अब वह किसी और के साथ एंगेज्ड हो रहा था और अगर अब भी मैं उससे जुड़ी रहूं तो यह अनुचित होगा। मैंने उसके कॉल नहीं उठाए और उसके मैसेज का उत्तर भी नहीं दिया। अगली सुबह जब मैं उठी तो मुझे कुछ अजीब लग रहा था और यह अशुभ था।

मैंने उसे जो कॉल किया था वह उसकी मंगेतर ने उठाया और मुझे सूचित किया की उसके साथ कार दृर्घटना हो गई है। पत्र पढ़ने के बाद, शायद वह सदमे में था और अब वह कोमा में है। मेरा दिल टूट चुका था और मुझे अपराधबोध हो रहा था।

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बाद में वह खतरे से बाहर आ गया था, लेकिन अब मैं उससे संपर्क करने में सक्षम नहीं हूँ। उसकी मंगेतर ने मुझे बताया कि वह कोमा में जाने से पहले मेरा नाम दोहरा रहा था और उसने कई महीनों पहले ही मेरे प्रति उसका प्यार स्वीकार कर लिया था। उसकी मंगेतर नहीं चाहती थी कि मैं उसके पास रहूं। उसने मुझसे चले जाने को कहा।

कई हफ्तों से मैंने उससे कोई बात नहीं की है। मैं अब भी हर सुबह उसकी तस्वीर को चूमती हूँ, अपनी दिनचर्या के एक भाग के तौर पर उसके लिए प्रार्थना करती हूँ, और साथ में बिताए गए हमारे संक्षिप्त समय के बारे में सोचती हूँ। मैं नहीं जानती कि उसने अपने प्यार के लिए आवाज़ क्यों नहीं उठाई या फिर दुर्घटना के बाद मुझसे संपर्क क्यों नहीं किया। क्या वह समाज के दबाव के सामने झुक गया था? वह ऐसा पुरूष नहीं था जो नियमों का पालन करता था, तो शायद नहीं। मैं अनिश्चित हूँ।

मैं नहीं जानती कि उसने अपने प्यार के लिए आवाज़ क्यों नहीं उठाई या फिर दुर्घटना के बाद मुझसे संपर्क क्यों नहीं किया? क्या वह समाज के दबाव के सामने झुक गया था? वह ऐसा पुरूष नहीं था जो नियमों का पालन करता था, तो शायद नहीं। मैं अनिश्चित हूँ।

लेकिन एक बात निश्चित है। यह एकतरफा प्रेम संबंध नहीं था। बहुत कम लोगों को अपने जीवन का प्यार मिलता है और मुझे अपना प्यार मिल गया था। हमारी कहानी वह है जिसके साथ मैं अपना पूरा जीवन गुज़ारूंगी। उसके प्रति मेरी जो भावनाएं थीं, उन्होंने समाज की विचारधाराओं को, सही और गलत को पार किया, और हमारे आर्दश को चुनौती दी। यह अबाध प्यार था।

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अब जब भी मैं उसके बारे में सोचती हूँ, मैं मुस्कुराती हूँ। उसके साथ नहीं होने का दर्द मिट चुका है। अब मैं जानती हूँ कि मैं उसे बहुत पसंद थी, और मेरे लिए यह आशीर्वाद से कम नहीं है। और इस तरह दिल में आशा लिए, मैं जिए जा रही हूँ।

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