उसने अपने पति को धोखा दिया और अब डरती है कि कहीं उसका भी कोई संबंध ना हो

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“बेवफाई, मुझे इसकी परिभाषा का सटीक अर्थ नहीं पता लेकिन मैंने वह गलती की (मेरे पति के अनुसार एक पाप) तब मैं अपने स्कूल के क्लासमेट के साथ भावनात्मक रूप से उलझ गई। फिर यह अधिक सुविधाजनक वॉट्स एैप पर नियमित रूप से शुरू हो गया। फिर हम फेसटाइम तक पहुंच गए। कुछ ही वर्षों में वह मेरा सबसे करीबी दोस्त बन गया। उससे बात करना एक मजबूरी बन गई और मैंने अपनी सुरक्षा रेखाओं पर नियंत्रण खो दिया और हम शारीरिक संबंध तक भी पहुंच गए। जल्द ही मेरा खुलासा हो गया और मेरे पति और मेरा एक वर्ष तक संबंध-विच्छेद रहा। उस वर्ष के बाद हमने अपने विवाह को एक दूसरा अवसर देने का फैसला किया। और फिर मेरी घबराहट शुरू हो गई। मैं अपने पति पर भरोसा नहीं कर सकती। मुझे पता है कि यह अजीब लगता है क्योंकि धोखा देने वाली मैं थी लेकिन अब मुझे डर है कि वह मुझे धोखा देगा और इस प्रकार मैं मानसिक उन्माद से ग्रसित हूँ।”

यह बेवफाई को स्वीकार कर चुकी उषा की दुविधा थी।

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मैं मानती हूँ कि यह मेरी गलती थी

उसने कभी भी अपने पति को दोष नहीं दिया। उसने स्वीकार किया कि वह स्वाभाविक रूप से एक नए संबंध में फिसल गई। जब वह संबंध विच्छेद के बाद वापस अपने पति के साथ आई तो हर संबंध से उसका विश्वास उठ चुका था। उसे संदेह हुआ कि अब वह विवाहेतर संबंध बनाने के लिए अवसर ढूंढेगा।

“मैंने विवाह में पूरी तरह से विश्वास खो दिया है। मुझे यह कठोर अहसास हुआ कि विवाह ने मुझे जो सबसे अच्छा उपहार दिया, मेरे साथी का भरोसा, मैंने उसे खो दिया है। मुझे अपराधबोध हुआ और मैं सोचती रह गई कि मैंने उसके साथ जो किया, वह भी मेरे साथ वैसा ही करेगा। विश्वास का टूटना बेवफाई की जड़ है और अगर मुझे विवाह को सुधारना है तो पहले मुझे भरोसे पर काम करना होगा जो अब बहुत ज़्यादा क्षतिग्रस्त हो चुका है। मैं बेवफाई से बाहर आ चुकी हूँ लेकिन मुझे आज और आगे भी जीवन के हर पहलू में अपनी इमानदारी को साबित करने की आवश्यकता महसूस होती है। मैं विश्वास बहाल करने के लिए स्वयं पर बहुत मेहनत कर रही हूँ, लेकिन मैं यह सुनिश्चित करने के लिए दुगनी मेहनत कर रही हूँ कि वह धोखा नहीं दे रहा। मैं निरंतर और कभी-कभी भावनात्मक रूप से दर्दनाक सत्य कहते हुए और जवाबदेही के माध्यम से विश्वास बनाए रखने की कोशिश कर रही हूँ। मैंने स्वयं पर सीमाएं और रेखाएं तय कर ली हैं भले ही उसने कभी ज़ोर नहीं दिया। लेकिन मैं चाहती हूँ कि वह भी उन सीमाओं का पालन करे क्योंकि मुझे डर है कि अब वह भटक जाएगा।”

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भरोसे का पुर्ननिर्माण करने में समय लगता है

अच्छी खबर यह है कि एक बार टूटा हुआ विश्वास पुनर्निर्मित किया जा सकता है और शादी को और भी बेहतर बना सकता है। बुरी खबर यह है कि यह बहुत समय लेता है और इसके लिए बहुत मेहनत की आवश्यकता होती है। शादी के पुनर्निमाण के भी साइड इफेक्ट होते हैं, जिसका सामना उषा कर रही है, क्योंकि जब भरोसा टूट जाता है तो विश्वास प्रणाली भीतर तक हिल जाती है।

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भरोसे का पुर्ननिर्माण करने में समय लगता है

जब से मैं दूसरे पुरूष के साथ पकड़ी गई हूँ उमंग ने यौन जीवन से पूरी तरह कन्नी काट ली है। उमंग और मेरा यौन जीवन काफी सक्रिय था और उमंग शारीरिक रूप से बहुत ही अभिव्यक्तिपूर्ण व्यक्ति है, इसलिए जब उसने शारीरिक ज़रूरतों को छोड़ दिया तो मैं वास्तव में चिंतित हो गई। मेरी असुरक्षा इस तथ्य से जन्मी की जब मैं एक वर्ष के बाद घर वापस लौटी, तब से हम एक ही बिस्तर पर सोते हैं लेकिन वह लिपटने तक की भी ज़रूरत महसूस नहीं करता। मुझे पूरा यकीन है कि वह कहीं और से शारीरिक ज़रूरतें पूरी कर रहा है। यह सच भी हो सकता है या फिर मेरा अपराधबोध हो सकता है।

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असुरक्षा के लिए समय नहीं

आपको अपने साथी को यह जताना होगा कि आपने उसके साथ जो किया आप वास्तव में उसके लिए शर्मिंदा हैं। आपको उसे फिर से आश्वस्त करना होगा कि आप वास्तव में भरोसेमंद हैं और आप भरोसे को सुरक्षित रखेंगे। भरोसे को फिर से बनाने का अर्थ है विश्वसनीयता का पुनर्निमाण; इस प्रक्रिया में ऐसा कुछ मत कर बैठना जो धीमी प्रक्रिया को खराब कर दे। अपने अपराधबोध पर नियंत्रण रखें और यह गैर-धोखेबाज़ साथी पर संदेह करने का समय नहीं है। यह सोचना स्वाभाविक है कि अब दूसरे साथी के पास धोखा देने का लायसेंस है। इस तरह की भावनाओं और संदेहों से दूसरे साथी को दूर रखें और उसके घाव भरने के लिए समय दें और फिर से प्यार के मोड में चले जाएं। संतुलन फिर से प्राप्त करें और भरोसेमंद, सुसंगत और ज़िम्मेदार बन कर विवाह में भरोसा फिर से प्राप्त करें।

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संतुलन फिर से प्राप्त करें और भरोसेमंद, सुसंगत और ज़िम्मेदार बन कर विवाह में भरोसा फिर से प्राप्त करें।

“मुझे उसकी महिला मित्रों के कॉल पर संदेह होने लगा है। अगर वह रात में देर से घर आता है तो मैं पागल हो जाती हूँ। मैं उसके फेसबुक को रोज़ाना देखती हूँ यह देखने के लिए कि उसकी पोस्ट पर अक्सर कौन लाइक और कमेंट करता है। और फिर मैं उस स्त्री की छानबीन करने लगती हूँ। विश्वास बहाल करने की बजाए, मैं यह सुनिश्चित करने में लगी हूँ कि उसका कोई संबंध ना हो। मुझे लगता है कि एक दिन वह मुझसे बदला लेगा और संबंध स्थापित करेगा,’’ उषा ने कबूल किया।

यह एक कठिन काम है

वास्तव में यह समय आपके साथी का है कि वह अपनी भावनाओं को व्यक्त करे और अगर वह चाहे तो आपको दोष भी दे सकता है। इसलिए आपको पीड़ित महसूस करने की ज़रूरत नहीं है। हो सकता है वह आपसे बहुत से सवाल पूछना चाहे; उनका उत्तर देने के लिए उपलब्ध रहें, क्योंकि यह उसके भरोसे के निर्माण की प्रक्रिया है। वह इस समय अपूर्ण भी महसूस कर रहा है। जब आप एक कदम आगे और फिर दो कदम पीछे बढ़ते हैं तो संबंध में बहुत असंगतता भी होगी। धोखा दिए जाने के बाद जख्म भरने के लिए सेक्स एक शक्तिशाली तरीका है, क्योंकि अस्थाई भरोसे और अंतरंगता की थोड़ी मात्रा होगी और इसीलिए उषा उस पहलू में खालीपन महसूस करती है। समझौता करने का चरण भी बंधन के पुनर्निमाण का समय है, इसलिए उषा को अपनी असुरक्षाओं को काबू में रखना होगा।

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