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उस धोखेबाज ने मुझे इस धमकी से ब्लैकमेल किया कि वह मेरी तस्वीरें सबसे ज़्यादा बोली लगाने वाले को बेच देगा

उसने लड़की के बचपन के आदर्श का छोटे भाई होने का नाटक किया और लड़की को बेवकूफ बना कर उसके अंतरंग चित्रों को साझा करने पर मजबूर कर दिया, फिर उसने लड़की को ब्लैकमेल किया।
man watching woman in nude

बचपन में मुझे प्यार हो गया

31 अक्टूबर 1993 को, एक युवा और करिश्माई जेनुइन आत्मा की मृत्यु हो गई। तब से हेलोवीन मेरे लिए असहनीय हो गया। मैं 9 वर्ष की थी और मेरी आत्मा का एक हिस्सा मर गया जब प्रतिभाशाली अभिनेता रिवर फीनिक्स की मृत्यु हो गई। सालों बाद मैंने रातों में अकेले होकर, नींद से वंचित होकर, रिवर के बारे में शोध करना शुरू किया। वह हिप्पी माता-पिता के घर पैदा हुआ सबसे बड़ा बेटा था और गरीबी में रहता था। उसके चार भाई-बहन थे। वे कुछ पैसे कमाने के लिए सड़कों पर गिटार बजाते थे। अपने पूरे जीवन में एक वीगन और एक पर्यावरण एक्टिविस्ट होते हुए, उसने मेरे दिल पर कब्जा कर लिया और मुझे विश्वास होने लगा कि हम एक-दूसरे के लिए बने थे। हाय, वह अब नहीं था, इसलिए मैंने उसे अपने दिल में रखा और दरवाजा बंद कर दिया।

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इसलिए मैंने उस आदमी पर विश्वास कर लिया जिसने कहा कि वह उसका भाई था

सालों बाद, उसके छोटे भाई जोकिन फीनिक्स होने का नाटक करने वाले एक धोखेबाज ने मुझसे इंस्टाग्राम पर संपर्क किया। उन्होंने प्यार और भक्ति प्रकट की। वह मेरी वल्नरेबिलिटी से खेला और मुझे लगा कि यह किस्मत थी। रिवर ने अपने छोटे भाई को मुझे इस तरह से प्यार और दुलार करने भेजा था जैसे एक औरत से प्यार किया जाना चाहिए। हमने दिनों तक बातें की और मेरे कामोन्माद में, मुझे विश्वास होने लगा कि यह जोकिन था। वह नहीं था।

जब मैंने उसकी आलोचना की, तो धोखेबाज और साइबर अपराधी ने अपना असली रंग दिखा दिया। उसने मुझे 5000 डॉलर के लिए ब्लैकमेल किया, क्योंकि मेरी भावनात्मक मूर्खता में मैंने उसे अपनी कुछ अंतरंग तस्वीरें भेज दी थीं। उसने मुझे ईमेल किया, मुझे धमकी दी कि वह मुझे भारतीय मीडिया के सामने उजागर करेगा, मेरे लेखन करियर को बर्बाद कर देगा और मेरी तस्वीरें उच्चतम बोली लगाने वाले को बेच देगा। मैं शर्म से सिकुड़ गई और साइबर अपराध विभाग गई और एक आधिकारिक शिकायत लिखी।

यह एक कठिन लड़ाई थी

अब वह पकड़ा गया है। उसे पकड़ने की प्रक्रिया कठिन थी, लेकिन मैंने खुद से कहा, “चलो लड़ती हूँ।” सबसे पहले, मेरे माता-पिता मुझसे बहुत दुखी थे। मैंने एक अन्य लेखक मित्र की मदद ली और नई दिल्ली में साइबर सेल के पते को गुगल पर ढूँढा, जो मंदिर मार्ग पर स्थित है। हालांकि मैं एक प्रभावशाली पृष्ठभूमि से आई हूँ, मैंने सोचा कि मैं इसमें अकेली थी। मैं लाइन में खड़ी हुई और एक आधिकारिक शिकायत दर्ज की। उन्होंने मुझसे कई सवाल नहीं पूछे। उन्होंने मुझसे सिर्फ एक एप्लीकेशन और घटना का ब्योरा लिखवाया, जिसे साइबर क्राइम सेल के डिप्टी कमिश्नर को संबोधित किया गया था। मुझे नहीं पता था कि शिकायत दर्ज करने के बाद क्या हो रहा था और बेतरतीबी में घर चली गई। मैं कई दिनों तक रोती रही।

मेरे पिता ने शिकायत के बारे में आयुक्त से पूछा और उसके आईपी पते के माध्यम से इस अपराधी को खोजने के लिए अपने स्रोतों और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया और इस मनोरोगी को पकड़ लिया।

मेरे नायक पिताजी ने बचा लिया और सिर्फ मुझे ही नहीं बचाया, क्योंकि अपराधी कई लड़कियों के साथ एक सेलिब्रिटी होने का नाटक करके वही काम कर रहा था। उसकी कार्य प्रणाली उन्हें मेनिपुलेटिव प्रेम वादों के साथ लुभाने की थी और फिर जब वह उनसे कुछ संवेदनशील चीज़ इकट्ठा कर लेता था तब उसके शिकार से पैसे निकलवाने की।

रिश्ते बनाना मुश्किल है, उन्हें बनाए रखना और भी मुश्किल

चुप्पी में कभी पीड़ित न हों

भले ही आप एक प्रभावशाली पृष्ठभूमि से ना हों, आपको इन अपराधियों से लड़ना होगा और शिकायतें दर्ज करनी होंगी। शिकार होने में कोई शर्म नहीं है; असली शर्म की बात है कि अगर हम इसके बारे में कुछ नहीं करते हैं।

शिकार होने में कोई शर्म नहीं है; असली शर्म की बात है कि अगर हम इसके बारे में कुछ नहीं करते हैं।

आइए पुलिस में विश्वास रखें। आइए जागरूक रहें कि अगर कुछ चीज़ इतनी अच्छी लग रही है कि सच नहीं हो सकती, तो शायद यह सच नहीं है। हाँ, मैंने गलती की, लेकिन मैंने इससे सबक सीखा। किसी पर ऑनलाइन भरोसा न करें, जब तक कि आप उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते।

लोगों पर साइबर अपराधों के प्रभाव

1. आप प्यार में विश्वास करना बंद कर देते हैं, क्योंकि आपने अपनी आत्मा इस व्यक्ति को यह सोचकर दे दी थी कि वह कोई और है और आप वास्तविकता जानने के बाद बिखर गए हैं।

2. घटना के बाद के आघात से आप अवसाद और चिंता में बंधे हैं, जो पागलपन के साथ आपकी वास्तविकता बन जाता है।

3. ऐसे लाखों साइबर अपराधी या मनोरोगी हैं जो आपको मैनिपुलेट कर सकते हैं कि आप विश्वास कर लें कि वे वही व्यक्ति हैं जो वे होने का नाटक कर रहे हैं, और इसके बाद का प्रभाव यह है कि आप उस व्यक्ति से प्यार करने का अपराध कर बैठते हैं, जो वे होने का नाटक कर कर रहे हैं, भले ही वह असली न हो।

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