Hindi

वयस्कों की तरह लड़ने के लिए 6 उपाय

ये सुनिश्चित करने के लिए यहां कुछ महत्त्वपूर्ण युक्तियां दी गई हैं कि आपके झगड़े गंदे या घृणित ना हो
a-couple-in-a-fight

जोड़े लड़ते हैं। यह स्वाभाविक है। एक अच्छा झगड़ा बादल छांट देता है और यहां पर ‘अच्छा’ महत्त्वपूर्ण शब्द है। उसका विपरीत ज़ाहिर है एक ‘बुरा’ झगड़ा है, एक सार्वजनिक, पूरी तरह अप्रतिबंधित शाब्दिक प्रहार। आप ऐसा नहीं चाहते, क्योंकि भूले बिना माफ किया जाना अधूरा है, और कुछ घावों को भरने में बहुत लंबा समय लग सकता है। इसलिए, झगड़ा शुरू करने से पहले, निष्पक्ष लड़ाई के नियम एवं शर्तों का ध्यान रखें।

चिंता ना करें

Don’t-Brood

ये भी पढ़े: पति पत्नी का ये बेमिसाल मेल

अगर आपके दिमाग में कुछ चल रहा है, तो उसे पकने ना दें। एक वयस्क बनें और उसकी चर्चा करें। आपकी आंतरिक आवाज़ बहुत कमीनी है क्योंकि यह आपके साथी की तुलना में बहुत खराब व्यवहार करती है। जब आप दोनों को पता है कि कुछ गड़बड़ है और कोई भी इसे संबोधित नहीं कर रहा, तो समस्या दुगनी है। बातचीत करना एक मतभेद को हल करने का पहला कदम है।

प्रासंगिक होना चाहिए

विषय पर स्थिर रहिए। ताव में आकर ध्यान हटना आसान है, लेकिन याद रखिए कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं। पहले उसे निपटाने की कोशिश करें और बाकी बातों को किसी और दिन के लिए छोड़ दें।

व्यक्तिगत ना बनें

Don’t-Get-personal

बहस समाप्त हो जाएगी, लेकिन अपमान वहीं रहेगा। इसलिए स्थिति चाहे जो भी हो, अपने साथी का अनादर कभी ना करें। समस्या को संबोधित करें, व्यक्ति को नहीं।

प्यार को याद रखें

चाहे आप उस समय किसी भी स्थिति में हों, अपने साथी को याद रखें और यह भी कि आप प्यार के स्थान से आ रहे हैं। यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस व्यक्ति से आप लड़ रहे हैं उसे आप सच्चे दिल से प्यार करते हैं। इसलिए कम आलोचनात्मक होने का प्रयास करें।

ये भी पढ़े: आपकी राशि के अनुसार आपके संबंध का सबसे बड़ा दोष

बीच में ना छोड़ें

Don’t-walk-out

एक झगड़े से बाहर ना जाएं। समस्याएं बद से बदतर हो जाती हैं जब हम उन्हें मझधार में छोड़ देते हैं, और यह आपके साथी के लिए भी अपमानजनक है। झगड़े को बीच में छोड़ देना किसी को गाली देने के समान ही है, यह एक परिपक्व तरीके से मुखर होने की कमी है।

शांत रहें

वैसे, पारस्परिक रूप से अंतराल लेने के लिए सहमत होना ठीक है। यह आप दोनों को शांत होने और विपरीत विचारों को समझने का समय देगा। आप एक अधिक वस्तुनिष्ठ सोच के साथ लौट सकते हैं। अल्पविराम रचनात्मक होते हैं, लंबे विराम बस फ्रैक्चर की तरह एक प्रकार का टूटना है।

बच्चे ना सुन लें

Don’t-Let-the-kids-hear

ये भी पढ़े: 10 बातें जो एक पुरूष को अपनी पत्नी से कभी नहीं कहनी चाहिए

आपको मासूम गवाहों की ज़रूरत नहीं है, इसलिए अपने बच्चों को अपनी लड़ाई में शामिल ना करें। आपकी तुलना में उनके लिए यह ज़्यादा कठिन है। दूसरे कमरे से आ रही तेज़ आवाज़े भी उतनी ही बुरी है जितना उनके सामने लड़ना।

सोने से पहले इसे सुलझा लें

बिस्तर पर जाने से पहले इस समस्या को सुलझा लें। नहीं तो यह आपकी बीच पड़ी रहेगी और बहुत सा स्थान घेर लेगी। उससे भी बुरा, जब सुबह आप उठेंगे तब भी वह वहां रहेगी। एक जोड़े के लिए यह एक सुखी तिकड़ी नहीं है।

माफी मांगने पर ज़ोर ना दें

Don’t-Insist-on-sorry

वयस्कों को हमेशा उन पर माफी बरसाने की ज़रूरत नहीं है। सरल कृत्य भी पर्याप्त हो सकते हैं। भले ही आप सही हों लेकिन माफी पर ज़ोर ना दें।

सच में करें

लेकिन अगर आप माफी मांगते हैं, तो इस तरह कहें जैसे आप सच में क्षमाप्रार्थी हैं। अगर यह नकली होगा, तो यह दिखाई देगा और आपको पता चल जाएगा।

चिढ़ाए नहीं

Don’t-Gloat

ये भी पढ़े: 7 संकेत की अब वह आपसे प्यार नहीं करता

“मैंने पहले ही कहा था….’’ ‘‘मैं तुमसे प्यार करता हूँ” का विपरीत है। यह ना कहें।

बिगड़ी बात बनाएं

बहस के अंत को चिन्हित करने के लिए साथ में कुछ सरल सा करें। टहल लें? साथ में टीवी देखें? एक जाम ले लें? यह जो भी हो, इसे एक स्पष्ट संकेत देना चाहिए कि समस्या का समाधान हो गया है और आप दोनों आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।

कहानी के साथ समापन करना

दो भिक्षु, एक ठिगना और एक लंबा, एक धारा के किनारे पर खड़े हैं। उनके पास खड़ी एक युवा स्त्री काफी निराश दिख रही है। उसे दूसरी तरफ जाने की ज़रूरत है, लेकिन वह अपने नए कपड़े गीले नहीं करना चाहती। वह भिक्षुओं की तरफ देखती है और ठिगना वाला उसे तुरंत उठा कर दूसरी तरफ ले जाता है। वह अपना आभार व्यक्त करती है और चली जाती है। भिक्षु अपना रास्ता जारी रखते हैं, लेकिन लंबा भिक्षु चिंतित दिखाई देता है। अंततः वह रूक कर कहता है – ‘‘हमें स्त्रियों के पास जाने की भी इजाज़त नहीं है, उन्हें छूना तो दूर की बात है, तुमने उसे क्यों उठाया?’’ ठिगना भिक्षु उत्तर देता है – ‘‘मैं अब उसके पास नहीं हूँ, तुम क्यों हो?’’ और ऐसा कहते हुए, उसका कद बढ़ गया। कहानी बताती है कि मतभेद के बाद जो कुछ भी होता है, वह सुलझ गया है – आप इसे जाने देते हैं। आप इसे लेकर नहीं बैठे रहते। वयस्क लोग इससे इसी तरह निपटते हैं। अब आगे बढ़ो और शांति से लड़ो।

शर्म छोड़ कर ये नुस्खे अपनाइये

पुनर्विवाह कर के आये पति का स्वागत पहली पत्नी ने कुछ ऐसे किया

Published in Hindi

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *