Hindi

वाइब्रेटर का इतिहास

आइये हम इतिहास को खोदने की कोशिश करें और वाइब्रेटर के इतिहास का पता लगाएं
lady-in-bed-

आनंद के लिए दिल्लगी भरा उपकरण – इसके आविष्कार का मूल क्या था?

हिस्टीरिक इतिहास

फिल्म हिस्टीरिया (2011) में एक सतही ढंग के चित्रण में डॉ. ग्रेनविले को स्त्रियों के रोग “हीस्टीरिया” का इलाज करते दिखाया गया है। इसे स्पष्ट रूप से बताने के लिए, वाइब्रेट्रर्स का आविष्कार स्त्रियों को चरमोत्कर्ष देने के थकाऊ काम से चिकित्सकों को राहत देने के लिए किया गया था। हां। आपने सही पढ़ा। और नहीं, मैं मज़ाक नहीं कर रहा हूं। वर्तमान में वैघकीय उन्नति के समय में यह आपको अपमानजनक लग सकता है लेकिन विक्टोरियन समय में अपने स्त्री रोगियों के लिए चिकित्सकों का एक विशेष रूख होता था। हिस्टीरिया, स्त्रियों का एक अस्पष्ट मनोवैज्ञानिक विकार जहां वे स्वयं को भूल जाती हैं और अत्यधिक भावनात्मक और शारीरिक प्रतिक्रियाओं वाला व्यवहार करने लगती हैं, यह दवा की दुनिया में एक बड़ी समस्या थी जब तक कि इस शब्द को शून्य और व्यर्थ प्रमाणित नहीं कर दिया गया। उन दिनों स्त्रियों को दर्द, तनाव और अन्य अज्ञात बिमारियों से राहत देने के लिए क्लीनिकों पर चरमोत्कर्ष प्रदान किया जाता था। मैनुअल पद्धतियों का उपयोग कर थक चुके ग्रानविले ने एक मशीन प्रेरित उपचार का आविष्कार किया – वाइब्रेटर। वाइब्रेटर दर्द निवारक का घरेलू नाम बन गया।
[restrict]
ये भी पढ़े: उन स्त्रियों के लिए 5 युक्तियां जो पहली बार सेक्स करने जा रही हैं

vibrator
Image Source

बीते वर्षों के हैंड मसाजर, वाइब्रेटर, कोंटरेप्शन के सैकड़ों पुस्तिकाएं और विज्ञापन हैं यहां तक कि प्रसिद्ध मीडिया हस्तियों द्वारा विज्ञापन भी किए गए हैं। अब ये वाइब्रेटर्स आपके शरीर के विभिन्न भागों के लिए बनाए गए थे जैसे आज जो मसाजर्स मिलते हैं, लेकिन वाइब्रेटर शब्द उसके सेक्स खिलौना संस्करण में लिप्त हो गया। यौन आनंद की स्त्री की आवश्यकता को कई बिमारियों का लक्षण और तुरंत राहत देने योग्य माना जाता था। 19वीं शताब्दी में स्त्रियों के पास पितृसत्ता पर प्रश्न उठाना और उससे बच निकलने का आसान रास्ता नहीं था। हिस्टीरिया उन स्त्रियों को दिया जाने वाला दुर्भाग्यपूर्ण नाम था जो भावनात्मक उथल-पुथल से गुज़र रही थीं और जिसमें समान मतदान के अधिकार की मांग कर रही स्त्रियां भी शामिल थीं! चिकित्सक चरमोत्कर्ष प्रदान करते करते थक चुके थे और उन्हें अभिव्यंजक और विद्रोही स्त्रियों के हिस्टीरिया की समस्या का हल मिल गया था। यह तब था जब वाइब्रेटर की कल्पना एक मोटर चलित यंत्र के रूप में की गई थी जो चिकित्सकों के हाथों को आराम देती थी और उपचार जारी रहता था।

जल्द ही मेडिकल साइंस की दुनिया ने एक विकार के रूप में हिस्टीरिया का सफाया कर दिया और यौन सुख को स्त्रियों के इलाज का नहीं बल्कि मनोरंजन का साधन माना जाने लगा। हिस्टीरिक दौरों को मनोवज्ञानिक विचारों के अंतर्गत लिया जाने लगा और वाइब्रेटर्स ने सेक्स खिलौनों की दुकानों में छायादार अलमारियों में जगह प्राप्त कर ली। स्त्रियां अब भी वाइब्रेटर्स के उपयोग को एक वर्जित काम मानती हैं जहां चरमोत्कर्ष स्थिति की वास्तविकता, स्त्रियों की कामुकता पर प्रकाश पड़ने की कमी के कारण अब भी संक्षिप्त है। पुरूषों की दृष्टि द्वारा चलने वाला एक विश्व, जिसमें उस पोर्नोग्राफी को नारीवादी कहा जाता है जिसमें पुरूषों के दृष्टिकोण के अलावा कुछ और होता है, एक ऐसा विश्व है जिसे वाइब्रेटर्स की सख्त ज़रूरत है। इस विशेष यंत्र ने कायापलट की एक रंगीन समयरेखा देखी हैः हैंड ड्रायर आकार के वाइब्रेटर से लेकर पंख वाले, और नसों की विस्तृत संरचना के साथ लिंग के आकार का वाइब्रेटर और क्या-क्या नहीं। हमारे बहुत अच्छे मित्र, वाइब्रेटर को हमेशा घर में एक सम्मानजनक स्थान प्राप्त होना चाहिए एक ऐसे आनंद के रूप में जिसकी अक्सर बिस्तर पर अनदेखी होती है। इन खुशी के पिटारों द्वारा दी गई अच्छी भावनाएं भिन्न आकार और तीव्रता में आती हैं और आपको अपना नशा अच्छी तरह चुनना चाहिए।

ये भी पढ़े: तंत्र के लिए व्यवहारिक मार्गदर्शिका

vibrator-for-sex
Image Source

वाइब्रेटर के आविष्कार के बारे में आपकी जिज्ञासा को तृप्त करने के लिए, मैं आपको सुझाव देता हूं कि हिस्टीरिया (2011) फिल्म देखें। अधिकांश आविष्कारों की तरह, यह आवश्यकता द्वारा उत्पन्न हुआ था। अगर गुफामानव के जीवन को आसान बनाने के लिए आग की आवश्यकता नहीं होती तो दो पत्थर नहीं टकराए होते। इसलिए हमारे प्रिय चिकित्सक को बार-बार चरमोत्कर्ष सेवा के कारण हाथ की ऐंठन से पीड़ित होने की वजह से अपने रोगियों के इलाज का आसान तरीका ढूंढने के लिए अपना दिमाग दौड़ाना पड़ा। यह समानता की स्थिति से नहीं आया क्योंकि हमें उस बीमारी को याद रखना चाहिए जिसका इलाज इसके द्वारा किया जा रहा थाः भावनाओं की अधिकता या हिस्टीरिया। लेकिन यह जिम्मेदारी हम पर है कि हम इसे पूरी तरह पलट दें और विद्रोही का उपचार करने वाले इस यंत्र को बुराई और आनंद का साधन बना लें। स्वयं का एक वाइब्रेटर लें और खुशी की राह में निकल जाएं।
[/restrict]

बैली नृत्य द्वारा अपने भीतर की एफ्रेडाइट को जागृत करना

क्या स्त्रियों के लिए सेक्स एक दैनिक कार्य जैसा है?

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No