विधवाएं भी मनुष्य हैं और उनकी भी कुछ आवश्यकताएं हैं

मैं आसाम के एक छोटे से शहर से एक 40 वर्षीय विधवा हूँ और 20 वर्षीय पुत्र की माँ हूँ। एक बगैर माँ की, कैंसर ग्रस्त पुलीस अफसर की चौथी बेटी होने के नाते मेरा जीवन शुरू से ही सरल नहीं था। एक कष्टमय बचपन ने मुझे सिखा दिया कि छोटे शहर के पिछड़े, रूढ़िवादी … Continue reading विधवाएं भी मनुष्य हैं और उनकी भी कुछ आवश्यकताएं हैं