Saurabh Dalal

Saurabh Dalal is interested in exploring how the institution of marriage founded on the principal of monogamy is inherently at loggerheads with basic human nature. Yet, supported by religion, society and culture it has managed to survive till now. With increasing awareness and a newfound liberalism in society, it’s getting challenged every passing day. This conflict at both micro and macro levels interests him a lot.

दूसरों के बारे में कल्पना करना हमारे यौन जीवन को किस तरह रोमांचक बनाता है

जैसा सौरभ दलाल को बताया गया मैंने हमारी नन्हीं राजकुमारी को परियों की कहानी सुनाई, जब मेरी पत्नी रात के खाने के बाद मेज साफ कर रही थी। आज का दिन ऑफिस में सचमुच थका देने वाला दिन रहा और मुझे खुशी हुई जब हमारी बेटी अंततः सो गई। मुझे अब भी हमारे न्यू यॉर्क …

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